ट्रंप की नई धमकी और मोजतबा खामेनेई का रहस्यमय गायब होना समझें पूरा सच

ट्रंप की नई धमकी और मोजतबा खामेनेई का रहस्यमय गायब होना समझें पूरा सच

तेहरान की सड़कों पर लाखों की भीड़ जमा है। चारों तरफ काला लिबास पहने लोग चीख रहे हैं, "हमारे पिता को तुमने मारा, हम तुम्हें नहीं छोड़ेंगे।" अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीर वाले एक बड़े बिलबोर्ड पर पत्थर बरस रहे हैं। मौका है ईरान के मारे गए सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के जनाजे का। लेकिन इस पूरे घटनाक्रम में दो सबसे बड़ी बातें हर किसी का ध्यान खींच रही हैं। पहली बात, डोनाल्ड ट्रंप का वह बयान जिसने आग में घी डालने का काम किया है। दूसरी बात, ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई का अपने सगे पिता के जनाजे से गायब रहना।

अगर आप सोच रहे हैं कि यह सिर्फ एक रूटीन राजनीतिक तनाव है, तो आप पूरी तरह गलत हैं। यह असल में मिडिल ईस्ट के इतिहास का सबसे खतरनाक मोड़ बन चुका है।

ट्रंप की वो एक धमकी जिसने ईरान को दहला दिया

वाशिंगटन से लेकर तेहरान तक इस समय सिर्फ एक ही बयान की गूंज है। डोनाल्ड ट्रंप ने मीडिया संस्थान एक्सियोस से बात करते हुए साफ कहा कि जनाजे के बहाने ईरान का पूरा शीर्ष नेतृत्व एक जगह इकट्ठा है। ट्रंप के शब्द थे, "वे सब वहां मौजूद हैं। सिर्फ एक शॉट में हम उन सबको खत्म कर सकते हैं। लेकिन हम ऐसा नहीं करेंगे, क्योंकि फिर हमारे पास बातचीत करने के लिए कोई बचेगा ही नहीं।"

यह बयान सामान्य नहीं है। यह सीधे तौर पर एक संप्रभु देश के लीडर्स को सामूहिक मौत की धमकी देने जैसा है। ट्रंप यहीं नहीं रुके। उन्होंने ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए यह भी दावा कर दिया कि अमेरिका ईरान के दो शासनों (रेजीम) को पहले ही मिटा चुका है और अब जो "तीसरा शासन" आया है, वह बातचीत की मेज पर ज्यादा समझदारी दिखा रहा है।

ईरान के लोग और वहां के कट्टपंथी इस बात को बर्दाश्त करने के मूड में बिल्कुल नहीं हैं। जनाजे के मंच से खुलेआम शायर मोहम्मद रसूली ने लाउडस्पीकर पर चिल्लाकर पूछा, "दुनिया का सबसे दुष्ट आदमी अभी तक जिंदा क्यों है? हमारे इमाम के कातिल को जिंदा रखना हमारे लिए डूब मरने की बात है।" इसके बाद पूरी भीड़ ने ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को जान से मारने के नारे लगाने शुरू कर दिए।

अपने ही पिता के जनाजे से क्यों गायब हैं मोजतबा खामेनेई

इस पूरे ड्रामे का सबसे बड़ा सस्पेंस यह है कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई आखिर हैं कहां? 28 फरवरी 2026 को हुए अमेरिकी और इजरायली हवाई हमले में अली खामेनेई मारे गए थे। उनके साथ उनकी बहू और 14 महीने की पोती की भी मौत हो गई थी। उसके ठीक 10 दिन बाद मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया सर्वोच्च नेता चुन लिया गया।

अब जब उनके पिता का अंतिम संस्कार हो रहा है, तो मोजतबा के बाकी तीन भाई—मुस्तफा, मसूद और मैसम—सबके सामने कफन के पास खड़े होकर दुआ पढ़ रहे हैं। लेकिन मोजतबा कहीं नजर नहीं आ रहे। इसके पीछे दो बेहद ठोस और गंभीर वजहें सामने आ रही हैं।

1. गंभीर चोटें और शारीरिक स्थिति

इंटेलिजेंस रिपोर्ट्स के मुताबिक, 28 फरवरी को जिस हमले में अली खामेनेई की जान गई थी, उसी हमले में मोजतबा भी मौजूद थे। वे उस घातक एयरस्ट्राइक में बाल-बाल बचे जरूर, लेकिन उन्हें चेहरे पर गंभीर चोटें आईं और उनके पैर भी बुरी तरह जख्मी हो गए। ईरानी हुकूमत दुनिया के सामने अपने नए सुप्रीम लीडर को लाचार या व्हीलचेयर पर नहीं दिखाना चाहती। वे जानते हैं कि ऐसी तस्वीरें उनके देश की कमजोरी को उजागर कर देंगी।

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2. इजरायल और अमेरिका से जान का खतरा

ईरानी सुरक्षा एजेंसियों और खुफिया अधिकारियों ने मोजतबा को सख्त हिदायत दी है कि वे किसी भी कीमत पर बंकर से बाहर न निकलें। न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मोजतबा खुद अपने पिता की मिट्टी में शामिल होना चाहते थे, लेकिन सुरक्षा कमांडरों ने उनके इस अनुरोध को सिरे से खारिज कर दिया। उन्हें डर है कि इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद उनके इस पब्लिक अपीयरेंस का फायदा उठाकर उनके छिपने की जगह को ट्रैक कर लेगी या वहीं पर ड्रोन हमला करके नए लीडर को भी निपटा देगी।

क्या वाकई बातचीत की मेज पर झुक रहा है ईरान

ट्रंप भले ही कह रहे हों कि ईरान अब लाइन पर आ रहा है और बातचीत करने के लिए "भीख" मांग रहा है, लेकिन तेहरान का मिजाज कुछ और ही कहानी बयां कर रहा है। ईरान के उप-रक्षा प्रमुख और विदेश मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि वे अपने मरे हुए नेता का बदला लिए बिना चुप नहीं बैठेंगे।

इस समय होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर दोनों देशों के बीच अस्थायी सीजफायर चल रहा है ताकि वैश्विक तेल सप्लाई बाधित न हो। दोनों देशों के बीच अगले दौर की बातचीत पाकिस्तान के इस्लामाबाद में होनी तय है। लेकिन ट्रंप की इस नई धमकी के बाद क्या ईरान वाकई टेबल पर बैठेगा? इस पर बड़ा सवालिया निशान लग गया है।

ईरान के आम नागरिकों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। तेहरान की एक नर्स, जीबा नादेरी ने विदेशी पत्रकारों से कहा, "हमारा दिल टूट चुका है। हम यहां विदाई देने नहीं, बल्कि इंतकाम का संकल्प लेने आए हैं। अब हमारे नए नेता मोजतबा जो आदेश देंगे, हम वही करेंगे।"

खामेनेई का यह जनाजा आने वाले दिनों में अमेरिका और ईरान के रिश्तों की नई इबारत लिखेगा। मोजतबा खामेनेई कब तक बंकर में छिपकर देश चला पाएंगे और ट्रंप का अगला कदम क्या होगा, इस पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं। फिलहाल, शांति की उम्मीद दूर-दूर तक दिखाई नहीं देती।

आने वाले हफ्तों में इस वैश्विक संकट से जुड़े हर घटनाक्रम पर बारीकी से नजर रखना जरूरी है क्योंकि तेल की कीमतों से लेकर दुनिया की सुरक्षा तक, सब कुछ इसी एक फैसले पर टिका है।

JK

James Kim

James Kim combines academic expertise with journalistic flair, crafting stories that resonate with both experts and general readers alike.